
शाहपुरा थाने के एसआइ राजेंद्र सिंह केन ने बताया कि निशांत वाजपेई को नकदी की आवश्यकता थी, जिसके लिए वे श्वेता कॉम्प्लेक्स स्थित एसबीआई के एटीएम बूथ पर पहुंचे थे। ट्रांजेक्शन के दौरान जब मशीन से रुपये नहीं निकले, तो वहां पहले से ही घात लगाकर खड़े दो युवकों ने उन्हें अपने जाल में फंसा लिया।
बगल में खड़े एक युवक ने बड़े ही विश्वास के साथ कहा, "अंकल, यह नई मशीन है, शायद आप इसे सही से ऑपरेट नहीं कर पा रहे हैं।" मदद के नाम पर युवक ने निशांत का कार्ड लिया और चालाकी से उसे एक बंद पड़े फर्जी कार्ड से बदल दिया। इसके बाद शातिर आरोपितों ने पिन नंबर भी देख लिया और वहां से रफूचक्कर हो गए।
कुछ ही देर बाद जब निशांत के मोबाइल पर एक के बाद एक पैसे कटने के मैसेज आने शुरू हुए, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। ठगी का एहसास होते ही उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। शाहपुरा थाना पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल पुलिस एटीएम बूथ और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि जालसाजों की शिनाख्त की जा सके।