महिला नेता से यौन शोषण के आरोप में जेल में बंद सीतापुर के कांग्रेस सांसद राकेश राठौर को 49 दिनों बाद रिहाई मिल गई। बुधवार सुबह 8 बजे सीतापुर जेल से सांसद हाथ जोड़ते हुए बाहर निकले। सीधे फॉर्च्यूनर में बैठे और आवास पहुंच गए। यहां पत्नी और घरवालों से मिले तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
सांसद ने कहा- मामले में एफआईआर से लेकर रिहाई तक पेंच ही पेंच हैं। दोषियों के चेहरे बेनकाब होंगे। सच्चाई जनता के सामने आएगी। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। यह जीवन का पहला मौका है कि अपने लोगों से इतने दिनों तक दूर रहना पड़ा।
कांग्रेस सांसद 30 जनवरी से सीतापुर जेल में बंद थे। उन्हें 11 मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी, लेकिन पुलिस वॉयस सैंपल की रिपोर्ट के बाद धाराएं बढ़ा दी थीं। इसके वजह से सांसद की रिहाई अटकी हुई थी।
सांसद की रिहाई पर महिला नेता के पति ने कहा- इतनी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद जमानत मिलना न्याय नहीं है। मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है। जल्द ही न्याय मिलेगा।
अब पूरा मामला बताते हैं....
राकेश राठौर पर 15 जनवरी को एक महिला नेता ने यौन शोषण का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। महिला नेता ने आरोप लगाया था कि सांसद ने उससे राजनीतिक करियर बनाने और शादी का झांसा देकर 4 साल तक शारीरिक शोषण किया। जब उसने शादी करने की बात कही तो सांसद ने जान से मारने की धमकी दी।
17 जनवरी को मेडिकल करवाने के बाद आरोपी सांसद के खिलाफ पुलिस ने रेप समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने पीड़िता का मजिस्ट्रेट के सामने बयान कराया। पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने आपबीती बयां की थी।
21 जनवरी को सांसद की पत्नी ने की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस
21 जनवरी को सांसद की पत्नी नीलम राठौर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने पति पर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया था। नीलम ने कहा- उन्हें अपने पति और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। वह हर मायने में लोगों की मदद करते हैं। पूरी तरह से निर्दोष हैं। हालांकि, मीडिया द्वारा पूछे गए किसी भी सवाल का जवाब दिए बिना ही वह प्रेस वार्ता से चली गई थीं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस से सांसद को उठा ले गई थी पुलिस
FIR दर्ज होने के बाद से सांसद अंडरग्राउंड हो गए थे। 30 जनवरी को पहली बार मीडिया से अपनी बात रखने आए थे, तभी अचानक पुलिस वहां पहुंच गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने सांसद को कोर्ट में पेश किया, जहां से 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया था।
सांसद का विवादों से पुराना नाता
राकेश राठौर 2017 के चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार के रूप में सीतापुर से चुने गए थे। मई 2021 में, उनकी निजी बातचीत के कई ऑडियो क्लिप लीक हुए थे। जिसमें वे सरकार की कड़ी आलोचना कर रहे थे। खासकर कोरोना महामारी की प्रतिक्रिया पर। साथ ही पार्टी के भीतर जातिवादी रुझान की भी शिकायत कर रहे थे।
भाजपा से सपा, फिर कांग्रेस का दामन थामा
भाजपा का दामन छोड़ने के बाद राकेश राठौर ने सपा का रुख कर लिया। हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें सपा ने टिकट नहीं दिया। इसके बाद राकेश राठौर ने राहुल गांधी से मुलाकात करके कांग्रेस जॉइन कर ली। 2024 के लोकसभा चुनाव में राकेश राठौर ने 4 बार के सांसद राजेश वर्मा को 90 हजार वोटों के अंतर से हराकर अप्रत्याशित जीत हासिल की थी।