अयोध्या में रामनवमी से पहले ट्रस्ट ने भव्य राम मंदिर की 8 नई तस्वीरें जारी की हैं। इसमें फर्स्ट फ्लोर पर राम दरबार की स्थापना के लिए सफेद संगमरमर का सिंहासन बनकर तैयार हो गया है।
ग्राउंड फ्लोर की ही तरह फर्स्ट फ्लोर पर सिंहासन बनाया गया है। गर्भगृह में भव्य नक्काशी की गई है। सामने मंडपम बनाया गया है। इसके खंभों में भी नक्काशी की गई है, जोकि जयपुर के पिंक सैंड स्टोन से बनाया गया है।
राम जन्मभूमि परिसर में राम मंदिर के अलावा 14 और मंदिर बन रहे हैं। इनमें मूर्तियों की स्थापना के लिए अभी शुभ तिथि 30 अप्रैल (अक्षय तृतीया) और प्राण प्रतिष्ठा 5 जून (गंगा दशहरा) को तय हुई है। हालांकि, ट्रस्ट की मुहर लगना अभी बाकी है।
30 अप्रैल से पहले मूर्तियां जयपुर से आ जाएंगी राम दरबार की सभी मूर्तियां राजस्थान के जयपुर में तैयार हो रही हैं। 30 अप्रैल से पहले सभी मूर्तियां यहां पहुंच जाएंगी। राम मंदिर के फर्स्ट फ्लोर पर राम दरबार की स्थापना की जानी है, जबकि परकोटे में 6 मंदिर बन रहे हैं। इनमें भगवान सूर्य, गणेश, हनुमान, शिव, माता भगवती और माता अन्नपूर्णा की मूर्ति स्थापित होंगी।
इसके अलावा, सप्त मंडपम में 7 मंदिर बन रहे हैं। इनमें महर्षि वाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वशिष्ठ, निषादराज, अहिल्या और शबरी की मूर्ति स्थापित होंगी।
ज्योतिषाचार्यों और ट्रस्ट की देर शाम हुई बैठक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार देर शाम को ज्योतिषाचार्यों के साथ मूर्तियों की स्थापना, प्राण प्रतिष्ठा के मुहूर्त और तिथि पर कारसेवक पुरम में बैठक की। ज्योतिषाचार्यों के साथ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और निर्माण प्रभारी गोपाल राव भी रहे। अभी तय हुआ कि मूर्तियों की स्थापना के लिए अक्षय तृतीया (30 अप्रैल) और प्राण प्रतिष्ठा के लिए गंगा दशहरा (5 जून) की तिथि सबसे अच्छी है। प्राण प्रतिष्ठा के शुभ मुहूर्त को लेकर ट्रस्ट अंतिम मुहर लगाएगा।