1 करोड़ रोजगार कैसे मिलेगा... नीतियां तो पहले भी थीं, अब ऐसा क्या नया होगा कि 5 साल में सपना सच हो जाएगा?

Updated on 06-12-2025 12:22 PM
पटना: क्या 5 साल में 1 करोड़ रोजगार संभव है ? यह लक्ष्य असंभव तो नहीं है लेकिन बेहद कठिन है। रोजगारपरक नीतियों का कार्यान्वयन तेजी से हो तो एक हद तक इसके नजदीक पहुंचा जा सकता है। फिलहाल राज्य के सभी विभागों में कुल मिलाकर 5 लाख 75 हजार पद खाली हैं। यानी आने वाले समय में बिहार के 5 लाख 75 हजार युवाओं को ही सरकारी नौकरी मिल पाएगी। शेष रोजगार टेक्सटाइल उद्योग, आइटी, स्टार्टअप, कृषि, पशुपालन, फूड प्रोसेसिंग, लघु उद्योग के जरिये सृजित करने होंगे। सरकारी नौकरी सीमित है और अधिकांश रोजगार निजी क्षेत्र, कृषि क्षेत्र और कुटीर उद्योग से ही मिलेंगे

चुनावी वादे को पूरा करने की पहल

नीतीश कुमार ने 21 अक्टूबर को एक चुनावी रैली में 2030 तक एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने की घोषणा की थी। नीतीश कुमार जब प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आये तो अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही उन्होंने इस चुनावी वादे का पूरा करने की प्रतिबद्धता दिखायी। नयी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं के रोजगार देने का प्रस्ताव पारित किया गया।

1 करोड़ रोजगार की रूपरेखा

ये 1 करोड़ रोजगार कैसे सृजित होगा, सरकार ने इसकी रूपरेखा भी सामने रखी है। बिहार को पूर्वी भारत का टेक हब बनाया जाएगा। इसके लिए रक्षा गलियारा, सेमीकंडक्टर विनिर्माण, वैश्विक क्षमता केन्द्र, मेगा टेक सिटी और फिटनेस सिटी की स्थापना की जाएगी। बिहार को एक ग्लोबल वर्कप्लेस के रूप में विकसित किया जाएगा। इन लक्ष्यों का प्राप्त करने के लिए डेडिकेटेड कमेटी गठित कर दी गयी है। बिहार को AI के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन की स्वीकृति दी गयी है। रोजगार सृजन के लिए तीन नये विभाग बनाये गये हैं- युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, नागर विमानन विभाग।

नीतियों की तो कोई कमी नहीं, रिजल्ट चाहिए

बिहार में रोजगार सृजन की नीतियों कोई कमी नहीं रही है। उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने करीब 16 नीतियां बनायी हैं। मुख्य समस्या उसके कार्यान्वयन की है। अगर नीतियां बनी तो साल दर साल उससे क्या हासिल हुआ, इसका फॉलोअप नहीं किया जाता। जैसे 2016 में बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति बनी लेकिन पिछले 9 साल में भी राज्य उद्योग के मामले में पिछड़ा हुआ है। जो थोड़ा-बहुत पूंजी निवेश हुआ है उससे रोजगार के बड़े अवसर पैदा नहीं हो सकते। एक करोड़ रोजगार का सपना बिना औद्योगिक क्रांति के संभव नहीं है।

क्या 300 कंपनियों ने बिहार में निवेश किया ?

2023 में पूंजी निवेश को आकर्षित करने के लिए पटना में बिहार बिजनेस कनेक्ट का आयोजन किया गया था। उस समय विभिन्न क्षेत्रों की करीब 300 कंपनियों ने 50 हजार 530 करोड़ रुपये के एमओयू हस्ताक्षरित किये थे। लेकिन क्या पिछले दो साल में सचमुच 300 कंपनियों ने बिहार में पूंजी निवेश किया ? कितने उद्योग स्थापित हुए, कितने रोजगार मिले ? जब तक इसका आंकलन नहीं होगा तब सभी एमओयू कागजों पर ही सीमित रह जाएंगे। यहां नीतियां बनती हैं, अधिसूचना जारी होती है लेकिन प्रोजेक्ट शुरू नहीं होता।

हर नीति के लिए आउटपुट टारगेट तय हो

जब तक हर नीति के साथ आउटपुट टारगेट तय नहीं होगा तब रोजगार के बड़े लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सकता। जैसे कि यह तय कर दिया जाए कि टेक्सटाइल क्षेत्र में 5 लाख, फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में 15 लाख, डेयरी, पशुपालन और मछली पालन में 15 लाख, आइटी क्षेत्र में 5 लाख, लघु और मध्यम उद्यम में 10 लाख रोजगार देना है। इन बात को ध्यान में रख कर ही उद्योग स्थापना पर बल दिया जाए। इसके बाद हर तीन महीने पर समीक्षा की जाए कि किस क्षेत्र में कितना उद्योग लगा और कितना रोजगार मिला। अगर प्रगति रिपोर्ट आशा के अनुरूप नहीं है तो उसके लिए विशेष कार्य योजना बनायी जाए। गुजरात में इसी मॉडल पर उद्योग का विकास हुआ है।


34 चीनी मिलों से करीब 25 लाख रोजगार

सरकार की घोषणा के मुताबिक 9 बंद चीनी फिर चालू की जाएंगी और 25 नयी चीनी मिलें खोली जाएंगी। अगर ये योजना जमीन पर उतर जाए तो करीब 34 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार, करीब 1 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार और करीब 24 लाख लोगों को कृषि आधारित रोजगार मिल जाएग। यानी करीब 25 लाख लोगों की रोजी-रोटी की समस्या हल हो सकती है। एक मध्यम चीनी मिल में करीब एक हजार लोगों को सीधे नौकरी मिल सकती है। इस तरह 34 हजार लोगों को प्लांट में नौकरी मिल जाएगी। इसके अलावा, वाहन चालक, दैनिक मजदूर, पैकेजिंग, गोदाम, होटल व्यवसाय के रूप में एक मिल पर करीब 3 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

एक चीनी मिल से कृषि क्षेत्र में करीब 70 हजार रोजगार

एक मध्यम चीनी मिल को 40 से 60 हजार किसानों से गन्ना चाहिए। इस तरह 34 चीनी मिलों से कृषि क्षेत्र में रोजगार का एक बड़ा अवसर पैदा होगा। खेत में गन्ना लगाने , काटने, ट्रैक्टर में लोड करने और उसे मिल तक पहुंचाने में कई लोगों योगदान होगा। इस तरह से पूर्णकालिक और आंशिक रोजगार पैदा होगा। मोटे तौर पर एक मिल में करीब 70 हजार कृषि आधारित रोजगार के अवसर मिलेंगे। लेकिन यहां ध्यान देने की बात है कि चीनी उद्योग सीजनल होता है इसलिए इसमें स्थायी रोजगार की संख्या कम होगी।


केवल उद्योग के विस्तार से ही चमत्कार

एक करोड़ रोजगार का सपना केवल औद्योगिक विकास से ही संभव है। सरकारी नौकरी तो ऊंट के मुंह में जीरा है। बड़े, मध्यम और लघु उद्योग ही बृहत पैमाने पर रोजगार पैदा कर सकते हैं। बिहार का औद्योगिक विकास इतना धीमा है कि अगले पांच साल में लक्ष्य को पूरा करने के लिए किसी चमत्कार की जरूरत होगी।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 28 March 2026
गाजियाबाद/हापुड़/मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सीमा पार से आतंकी कनेक्शन के मामले में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार रात यूपी एसटीएफ और मेरठ पुलिस ने हापुड़…
 28 March 2026
नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी शनिवार को उद्घाटन करने जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, चारों चरण…
 28 March 2026
गाजियाबाद: यूपी के गाजियाबाद में करीब पांच लाख से अधिक हाउस टैक्‍स देने वाले लोग रहते हैं। बढ़े हुए हाउस टैक्‍स को जमा करने की लास्‍ट डेट 31 मार्च है, लेकिन…
 28 March 2026
नई दिल्ली, VIP और VVIP (जैसे मुख्यमंत्री, राज्यपाल आदि) को ले जाने वाले नॉन-शेड्यूल्ड विमान और हेलिकॉप्टर ऑपरेटर्स के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। DGCA ने साफ कहा है कि…
 13 February 2026
कानपुर: उत्‍तर प्रदेश के कानपुर में एक निजी बैंक में काम करने वालीं आस्‍था सिंह और ऋतु त्रिपाठी के बीच के झगड़ा खत्‍म होने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों…
 13 February 2026
पटना: बिहार में अगर आपको वंदे भारत या सप्तक्रांति एक्सप्रेस में सफर करना पसंद है, या आपके रूट में आपको यही ट्रेनें बेहतर लगती हैं, तो ये खबर आपके लिए ही…
 13 February 2026
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला की अगुवाई वाली राज्य सरकार ने ऑनलाइन, सोशल और प्रिंट मीडिया के रेगुलेट करने के लिए एक नई पॉलिसी बना रही है। जम्मू कश्मीर विधानसभा सत्र…
 13 February 2026
नोएडा: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा पहुंचकर अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने नोएडा मेट्रो के विस्तार पर विशेष जोर दिया और स्पष्ट निर्देश…
 29 January 2026
सिद्धार्थनगर: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सिद्धार्थनगर में 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। भगवान बुद्ध की आध्यात्मिक धरती सिद्धार्थनगर केवल अपने धार्मिक महत्व…
Advt.