मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में रविवार देर शाम हमार जनजाति के नेता रिचर्ड हमार पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया था। सोमवार को हमार जनजाति के लोगों ने न्याय की मांग को लेकर बंद बुलाया।
इस बीच इलाके में तनाव बढ़ गया और हमार जनजाति का एक समूह सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी करने लगा। स्थिति को संभालने के लिए सुरक्षाबलों ने उपद्रवियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और हवाई फायरिंग की। इसके बाद इलाके में कर्फ्यू लगा दिया।
चुराचांदपुर के अतिरिक्त जिलाधिकारी ने अगले आदेश तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 ( पहले IPC की धारा 144) लगा दी है और सुरक्षा बलों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है।
कहासुनी के चलते हुआ हमला
मणिपुर पुलिस के मुताबिक, हमार इनपुई संगठन के महासचिव रिचर्ड हमार पर रविवार शाम जेनहांग लामका में वीके मोंटेसरी परिसर के अंदर लोगों के एक समूह ने हमला किया था। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि रिचर्ड अपनी गाड़ी चला रहे थे, जो एक दोपहिया सवार से टकराते बची। इससे रिचर्ड की दोपहिया वाहन सवार युवकों से कहासुनी हो गई। जो बाद में इतनी आगे बढ़ गई कि दूसरे पक्ष ने रिचर्ड पर हमला कर दिया।
हमार संगठन बोला- सदस्यों को बार-बार निशाना बनाया जा रहा
हमले की आलोचना करते हुए हमार इनपुई ने कहा कि अपराधियों को तुरंत पकड़ा जाए। साथ ही चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर वे अपनी खुद की कार्रवाई करेंगे। संगठन ने कहा, "यह घटना कोई अकेली घटना नहीं है। ITLF के सदस्यों को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे उत्पीड़न और हिंसा का एक परेशान करने वाला पैटर्न उजागर होता है। हम इन कायरतापूर्ण कृत्यों की निंदा करते हैं, जो हमारे नेतृत्व और सदस्यों को चुप कराने और डराने की कोशिश करते हैं।"
9 मार्च को सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में 40 लोग घायल हुए थे
मणिपुर में फ्री ट्रैफिक मूवमेंट के पहले दिन 9 मार्च को सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में 40 लोग घायल हो गए थे। राज्य में 8 मार्च से सभी इलाकों में सामान्य आवाजाही शुरू की गई थी, जिसका कुकी समुदाय के लोगों ने विरोध किया है।