भोपाल, 10 सितंबर 2026। भारतीय भाषाओं की विविधता में निहित भारतीय संस्कृति, जीवन-मूल्यों और राष्ट्रीय एकता की भावना को केंद्र में रखते हुए 14 एवं 15 सितंबर 2026 को भारत भवन, भोपाल में ‘भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान’ का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन का विषय ‘मातृभाषा, संस्कृति और भारतीय जीवन-मूल्यों पर संवाद’ है। कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जायेगा। वीर भारत न्यास एवं संस्कृति संचालनालय, मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भारत भवन, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान तथा मातृभाषा मंच की सहभागिता रहेगी।
माननीय मुख्यमंत्रीजी के संस्कृति सलाहकार एवं वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि भारतीय भाषाएँ संवाद के माध्यम के साथ भारत की सांस्कृतिक चेतना, लोकस्मृति और जीवन-दृष्टि की संवाहक भी हैं। इसी विचार को केंद्र में रखकर भोपाल में पूर्व वर्षानुसार दो दिवसीय व्याख्यान, भाषाई पत्रकारिता पर विमर्श, कवि सम्मेलन, संत कवियों की वाणी, पूर्वरंग तथा प्रदर्शनी सहित विविध कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 14 सितंबर को शाम 4 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जायेगा। इसके पश्चात प्रथम सत्र शाम 4:30 से 5:30 बजे तक ‘मातृभाषा से राष्ट्रभाषा : भाषाओं में भारत की आत्मा’ विषय पर व्याख्यान होगा। इसमें बांग्ला के श्री स्नेहाशीष सूर, हिंदी के श्री श्यामलाल यादव तथा कश्मीरी के श्री आसिम मोहिउद्दीन अपने विचार रखेंगे। द्वितीय सत्र शाम 6 से 7:30 बजे तक ‘भाषाई पत्रकारिता, समाज की आवाज़’ विषय पर होगा, जिसमें श्री जयदीप कर्णिक, श्री अतुल तारे और श्री अजय उमट सहभागी होंगे।
राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन
श्री तिवारी ने बताया कि 14 सितंबर की शाम 7:30 बजे राष्ट्रीय कवि सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें डॉ. कीर्ति काले, श्री स्वयं श्रीवास्तव, श्री दिनेश दिग्गज, श्री शैलेन्द्र मधुर तथा श्री अज़हर इकबाल काव्य पाठ करेंगे। इसी दिन शाम 4 बजे ‘पूर्वरंग’ में भारतीय भाषाओं एवं बोलियों के गीतों की प्रस्तुति श्री उमेश तरकसवार एवं साथी, भोपाल द्वारा दी जाएगी।
15 सितंबर को सुश्री सुधा रघुरामन सुनायेगी संत कवियों की वाणी
उन्होंने बताया कि 15 सितंबर को प्रथम सत्र शाम 4 से 5:30 बजे तक ‘डिजिटल युग में मातृभाषाएँ : संकट, संभावना और नई पत्रकारिता’ विषय पर होगा। इसमें उर्दू के वरिष्ठ संपादक श्री अब्दुल वदूद साजिद, मराठी के श्री किरण शेलार तथा असमिया के वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक श्री समुद्रगुप्त कश्यप विचार रखेंगे। द्वितीय सत्र शाम 5:30 से 7 बजे तक ‘भाषा अनेक, भारत एक’ विषय पर होगा, जिसमें मलयालम के श्री मनोज के. दास, श्री सतीश के. सिंह सहित अन्य पत्रकार सहभागी होंगे। शाम 7:30 बजे ‘संत राग’ कार्यक्रम में संत कवियों की वाणी की प्रस्तुति सुश्री सुधा रघुरामन, नई दिल्ली द्वारा की जाएगी।
प्रदर्शनी के साथ इन पुस्तकों का होगा लोकार्पण
श्री तिवारी ने बताया कि आयोजन स्थल पर शब्द-चित्र और भारतीय भाषाओं से संबंधित प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके साथ ही ‘आर्ष भारत खंड-2 : भारतीय चेतना के लोकोत्तर चरित्र’ सहित महर्षि पाणिनि, भोजदेव, महर्षि पतंजलि, भर्तृहरि और सम्राट राजेंद्र चोल सहित भारतीय परंपरा के महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्वों तथा ‘युग-युगीन जल’, ‘उड़ चल अपने देश’, ‘अष्टावक्र गीता’, ‘नारद गीता’, ‘गर्भ गीता’, ‘ब्राह्मण गीता’, ‘उत्तर गीता’, ‘परमहंस गीता’, ‘वृत्र गीता’, ‘हंस गीता’, ‘चंद्र गीता’ और ‘जानकी गीता’ जैसी पुस्तकों का लोकार्पण भी होगा।