पीएम मोदी की अपील का असर, त्रिपुरा में 50 प्रतिशत कर्मचारी करेंगे वर्क फ्रॉम होम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद त्रिपुरा सरकार ने राज्य के 50 प्रतिशत ग्रुप-सी और ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू कर दिया है। सरकार का कहना है कि इससे ईंधन की बचत होगी और सरकारी खर्च भी कम होगा। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद आया है, जिसमें उन्होंने लोगों और संस्थानों से ईंधन बचाने और जहां संभव हो, वहां घर से काम करने की सलाह दी थी।
त्रिपुरा सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सभी विभागाध्यक्ष यह सुनिश्चित करेंगे कि हर दिन केवल 50 प्रतिशत ग्रुप-सी और ग्रुप-डी कर्मचारी ही दफ्तर आएं। बाकी कर्मचारियों को घर से काम करना होगा। इसके लिए साप्ताहिक रोस्टर तैयार किया जाएगा, ताकि कर्मचारी बारी-बारी से ऑफिस आएं। सरकार ने यह भी कहा है कि पहले हफ्ते में उन कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाए जो दफ्तर के पास रहते हैं, ताकि आने-जाने में कम ईंधन खर्च हो।
जो कर्मचारी घर से काम करेंगे, उन्हें फोन और ऑनलाइन माध्यमों से हर समय उपलब्ध रहना होगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत दफ्तर भी बुलाया जा सकता है। सरकार ने यह निर्देश भी दिया है कि यही व्यवस्था सरकारी उपक्रमों, स्थानीय निकायों और अन्य स्वायत्त संस्थाओं में भी लागू की जाए।
हालांकि यह आदेश जरूरी और आपातकालीन सेवाओं में लगे कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। यानी अस्पताल, बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सेवाएं पहले की तरह चलती रहेंगी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और अगले निर्देश तक जारी रहेगा।
दक्षिण त्रिपुरा जिला प्रशासन में इस व्यवस्था पर काम भी शुरू हो चुका है। माना जा रहा है कि अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो दूसरे राज्य भी इसी तरह के कदम उठा सकते हैं। कोरोना काल के बाद वर्क फ्रॉम होम का तरीका पहले ही काफी लोकप्रिय हो चुका है और अब इसे ईंधन बचत और खर्च कम करने के उपाय के तौर पर भी देखा जा रहा है।