25,000 कर्मचारियों और उनके परिवार के लिए खरीदी ग्रुप कैंसर केयर पॉलिसी, किसने की है देश में यह पहल?

Updated on 31-07-2026 01:17 PM
नई दिल्ली: कंपनियां अब अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए पुराने ढर्रे के इंश्योरेंस से आगे बढ़ रही हैं। अब साधारण मेडिकल इंश्योरेंस के अलावा कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए अलग से टॉप-अप कवर दिया जा रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज में साधारण इंश्योरेंस का पैसा बहुत जल्दी खत्म हो जाता है।

ज्यादातर कंपनियां अपने कर्मचारियों को 3 से 5 लाख रुपये तक का हेल्थ इंश्योरेंस देती हैं, लेकिन कैंसर का इलाज अक्सर इससे कई गुना महंगा होता है। यह नया टॉप-अप कवर तब काम आता है जब पुरानी पॉलिसी के पैसे खत्म हो जाते हैं। साथ ही, यह कैंसर के उन इलाजों का भी खर्च उठाता है जो साधारण पॉलिसी में शामिल नहीं होते।

किसने की है पहल?

एस्ट्राजेनेका फार्मा इंडिया (AstraZeneca) देश की पहली ऐसी कंपनी बन गई है, जिसने अपने करीब 25,000 कर्मचारियों और उनके परिवार के लिए ग्रुप कैंसर केयर पॉलिसी खरीदी है। यह पॉलिसी उनके पहले से चल रहे मेडिकल इंश्योरेंस के ऊपर एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी। इस खास पॉलिसी को हाउडन इंडिया इंश्योरेंस ब्रोकर्स ने एक प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनी के साथ मिलकर तैयार किया है। यह पुरानी पॉलिसी की जगह नहीं लेगी, बल्कि उसे और मजबूत बनाएगी।इसकी खासियत यह है कि यह बाजार में मिलने वाली आम कैंसर पॉलिसियों से अलग है। इसे खासतौर पर कंपनियों के लिए बनाया गया है। इसलिए यह उन कर्मचारियों को भी कवर देती है जिन्हें पहले से कोई बीमारी है।

देश में अपनी तरह की पहली पॉलिसी

Howden इंडिया के सीईओ अमित अग्रवाल ने TOI को बताया कि कंपनियों का साधारण इंश्योरेंस कैंसर जैसी बड़ी चुनौती के लिए काफी नहीं है। शुरुआत में कंपनियां कर्मचारियों को अपने साथ जोड़े रखने के लिए हेल्थ इंश्योरेंस देती थीं। आज यह सैलरी पैकेज का एक जरूरी हिस्सा बन गया है। उन्होंने कहा कि अब हम देख रहे हैं कि कंपनियां ओपीडी (OPD) और वेलनेस पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं।
अगर किसी कंपनी में 100 कर्मचारी हैं, तो अस्पताल में भर्ती होने वाली सुविधा का फायदा सिर्फ 9 या 10 लोग ही उठा पाते हैं, जबकि ओपीडी की जरूरत साल भर में 50-60% लोगों को पड़ती है। भारत में इस तरह की यह पहली पॉलिसी है।

अमित अग्रवाल के मुताबिक, इस पॉलिसी की सही कीमत और इसके लंबे समय तक चलने का अंदाजा तब लगेगा जब कम से कम 100 कंपनियां इसे अपना लेंगी और 12 से 24 महीनों तक के दावों का अनुभव मिल जाएगा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 31 July 2026
नई दिल्ली: केंद्र सरकार देश के छात्रों के लिए पढ़ाई का खर्च आसान करने के लिए एजुकेशन लोन के नियमों में बड़ी ढील देने जा रही है। सरकार का टारगेट…
 31 July 2026
नई दिल्ली: भारतीय रेल (Indian Railways) की ट्रेन में आप अक्सर यात्रा करते होंगे। उसमें आप ऐसी ढेरों चीजें नोट करते होंगे जो कि किसी 'ग्राहक के अधिकार' के विपरीत…
 31 July 2026
नई दिल्ली: जिंदगी में जब सब कुछ खत्म होता नजर आता है, तब कभी-कभी वहीं से एक नई और शानदार शुरुआत का रास्ता भी निकलता है। उत्तर प्रदेश के रामपुर…
 31 July 2026
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील जर्मनी की कंपनी मार्ट्रेड के साथ अपनी 25 साल पुरानी पार्टनरशिप खत्म करने जा रही है। दोनों कंपनियों ने 2001 में जॉइंट…
 31 July 2026
नई दिल्ली: कंपनियां अब अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए पुराने ढर्रे के इंश्योरेंस से आगे बढ़ रही हैं। अब साधारण मेडिकल इंश्योरेंस के अलावा कैंसर जैसी…
 31 July 2026
मुंबई: गुजरात की एक एफएमसीजी कंपनी है गोकुल एग्रो रिसोर्सेज (Gokul Agro Resources)। इसके शेयर गुरुवार को ट्रेडिंग शेसन के दौरान NSE पर 7% से ज़्यादा चढ़ गए। विभिन्न तरह…
 31 July 2026
नई दिल्ली: मेटल और माइनिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता के शेयरों में आज शुरुआती कारोबार में एक फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। BSE पर कंपनी का शेयर पिछले सत्र…
 31 July 2026
अगस्त का महीना अपने साथ कई बदलाव लेकर आ रहा है। इसमें रेलवे के तत्काल टिकट बुकिंग से जुड़े नियम, एलपीजी सिलेंडर की कीमत, विंडफॉल टैक्स, ITR डेडलाइन, क्रेडिट कार्ड…
 28 July 2026
भोपाल स्थित संत शिरोमणि ग्लोबल स्किल्स पार्क उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने वाला राष्ट्रीय स्तर का कौशल विकास केन्द्र बन गया है। यहाँ प्रशिक्षण प्राप्त…
Advt.