Apple Pay ने एक्सिस बैंक से मिलाया हाथ, शुरू की यह सर्विस, PhonePe और Google Pay के किले में लगेगी सेंध?
Updated on
30-09-2026 12:57 PM
नई दिल्ली: भारत में डिजिटल पेमेंट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। ऐपल ने भारत में ऐपल पे लॉन्च किया है। कंपनी से इस सर्विस की शुरुआत एक्सिस बैंक के साथ मिलकर शुरू की है। बैंक के मुताबिक, वह भारत में Apple Pay की सुविधा देने वाला पहला भारतीय बैंक बन गया है। वहीं दूसरी ओर ऐपल पे के शुरू होने से भारत में पहले से मौजूद पेमेंट ऐप्स की हिस्सेदारी पर असर पड़ेगा। सबसे बड़ी हिस्सेदारी फोनपे की है।
एक्सिस बैंक ने यह सुविधा Mastercard और Visa नेटवर्क वाले एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड्स पर उपलब्ध होगी। अब एक्सिस बैंक के ग्राहक अपने iPhone, Apple Watch और iPad के जरिए स्टोर, ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पेमेंट कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए ग्राहकों को अपने मौजूदा एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड्स और अन्य फायदे पहले की तरह मिलते रहेंगे।
किस कंपनी की कितनी हिस्सेदारी?
भारत में यूपीआई डिजिटल पेमेंट का सबसे बड़ा माध्यम बना हुआ है और इस बाजार में कुछ प्रमुख ऐप्स का दबदबा कायम है।
यूपीआई पेमेंट में देश में सबसे बड़ी हिस्सेदारी फोनपे की है। मौजूदा समय में कुल ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में PhonePe की हिस्सेदारी करीब 46 फीसदी से है।
इसके बाद दूसरे नंबर गूगलपे आता है। Google Pay की यूपीआई पेमेंट में हिस्सेदारी करीब 33 फीसदी है।
यूपीआई पेमेंट के मामले में पेटीएम की हिस्सेदारी तीसरे नंबर पर है। ट्रांजैक्शन वैल्यू में Paytm की हिस्सेदारी करीब 8% है।
दूसरे UPI ऐप्स की हिस्सेदारी
PhonePe, Google Pay और Paytm के अलावा Navi, CRED, BHIM, super.money और Amazon Pay जैसे ऐप भी यूपीआई बाजार में मौजूद हैं। इन ऐप्स की संयुक्त हिस्सेदारी 13% से ज्यादा है।
यूपीआई पर बढ़ता भरोसा
भारत में UPI का इस्तेमाल पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। वित्त वर्ष 2017-18 में जहां UPI ट्रांजैक्शन करीब 1,207 मिलियन थे, वहीं FY24 में यह आंकड़ा बढ़कर 97,295 मिलियन हो गया।
जून 2026 में UPI ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू महीने-दर-महीने करीब 2.09% घटकर 28.92 लाख करोड़ रुपये रही। त्योहारी सीजन और मर्चेंट पेमेंट के दौरान ट्रांजैक्शन में तेज उछाल देखने को मिलता है।
दूसरी कंपनियों पर कितना असर?
इसमें कोई दोराय नहीं कि ऐपल पे के आने से दूसरी कंपनियों के मार्केट शेयर में गिरावट आएगी। हालांकि असर कितना बड़ा होगा, अभी इसके बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगा। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब आधे आईफोन यूजर फोनपे ऐप इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में कह सकते हैं कि ऐपल पे के लॉन्च होने से बड़ा असर फोनपे पर पड़ सकता है।
अमेरिकी कंपनियों का दबदबा
भारत में यूपीआई पेमेंट की बात करें तो अभी तक अमेरिकी कंपनियों का ही दबदबा है। फोनपे वैसे तो भारतीय कंपनी है, लेकिन अब इसकी कमान अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट के हाथ में है। वॉलमार्ट के इस कंपनी से सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। इसके बाद दूसरे नंबर की पेमेंट कंपनी गूगलपे भी अमेरिका की है। अब लॉन्च हुई ऐपल पे भी अमेरिका की ही कंपनी है।
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