भोपाल में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया है। अब तक छोटी-बड़ी 883 प्रतिमाएं विसर्जित की जा चुकी हैं।
बुधवार रात 8 बजे से झांकियों के चल समारोह शुरू हो गए हैं, जो देर रात तक चलेंगे। शहर में 7 हजार से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन होना है, जो गुरुवार को भी जारी रहेगा।
चल समारोह के चलते ट्रैफिक पुलिस ने रूट प्लान जारी किया है। कई मार्गों पर प्रतिबंध और ट्रैफिक का दबाव रहेगा। भारत टॉकीज, अल्पना, नादरा बस स्टैंड और भोपाल टॉकीज के बीच शाम 5 बजे के बाद सिटी बस, मैजिक और चार पहिया वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है। शाम से मंगलवारा, दयानंद चौक, जुमेराती और पुरानी सब्जी मंडी की ओर से घोड़ा नक्कास व बस स्टैंड की तरफ वाहन नहीं जा सकेंगे।
मुख्य चल समारोह भारत टॉकीज, इतवारा, मंगलवारा, जुमेराती, सिंधी मार्केट, पीरगेट, मोती मस्जिद और रेतघाट होते हुए कमलापति घाट पहुंचेगा। कुछ झांकियां भदभदा तिराहे से प्रेमपुरा घाट जाएंगी। बैरागढ़ और खजूरी की प्रतिमाओं के विसर्जन से भोपाल-इंदौर मार्ग पर भी यातायात प्रभावित हो सकता है।
प्रशासन ने प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग, गोताखोर, क्रेन, जेसीबी और लाइफ जैकेट की व्यवस्था की है। करीब 5 हजार अधिकारी-कर्मचारी सुरक्षा, सफाई और विसर्जन व्यवस्था संभाल रहे हैं।
200 से अधिक प्रतिमाएं शामिल: श्री हिंदू उत्सव समिति के तत्वावधान में बुधवार रात भव्य दुर्गा विसर्जन चल समारोह निकला।
कई शहरों की प्रतिमाएं: भोपाल के साथ विदिशा, गंजबासौदा, सीहोर और बैरसिया की दुर्गा प्रतिमाएं व झांकियां भी शामिल हुईं।
रात 8:30 बजे शुभारंभ: गणेश पूजन और आरती के साथ चल समारोह शुरू हुआ। पहली झांकी सूरज नगर की श्री कालका उत्सव समिति की रही।
संत समाज और जनप्रतिनिधि शामिल: महंत अनिलानंद महाराज, महापौर मालती राय और समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।