गोरखपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 3 लड़कों की मौत हो गई। मरने वालों में 2 सगे और एक उनका मौसेरा भाई है। हादसे में 9 लोग झुलस भी गए। सभी ट्रैक्टर-ट्रॉली से प्रतिमा विसर्जन करने जा रहे थे।
मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को मेडिकल कॉलेज भेजा। वहीं, हादसे से गुस्साए लोगों ने मेडिकल कॉलेज के बाहर हंगामा कर दिया। इससे 1 किमी लंबा जाम लग गया। मेडिकल कॉलेज के आसपास 50 से ज्यादा दुकानें बंद कर दुकानदार भाग गए। हंगामा बढ़ता देख मौके पर 2 बटालियन पीएसी पहुंची।
जेई और दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं, लाइनमैन को नौकरी से हटा दिया गया। तब जाकर करीब 2 घंटे बाद शाम 7:40 बजे पर जाम खोला गया। हादसा गुलरिहा थाना क्षेत्र में बुधवार शाम 5 बजे हुआ।
डीजे की रेलिंग हाईटेंशन तार से टकराई, 3 की मौत
गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद गांव के चौहान टोला में दुर्गा प्रतिमा स्थापित की गई थी। बुधवार शाम 5 ग्रामीण प्रतिमा लेकर विसर्जन के लिए कोलुहा घाट जा रहे थे। शाम करीब 4:30 बजे जुलूस रजही चौराहे पर रामानंद के दरवाजे के पास पहुंचा। इसी दौरान डीजे के ऊपर बनी लोहे की रेलिंग ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार से टच हो गई।
डीजे के पास मौजूद चंदन (21), विक्की (18) और लक्की (17) समेत 12 लोग करंट की चपेट में आ गए। अचानक हुए हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को बाहर निकाला और बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।
डॉक्टरों ने जांच के बाद चंदन, विक्की और लकी को मृत घोषित कर दिया। हादसे में पुष्पा देवी, नंदिनी, धीरेंद्र, मोनू, अंशिका चौहान, शनि चौहान, प्रियांशु, शिवानी और शांतनु का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान बिजली आपूर्ति बंद रखने के लिए पहले ही शटडाउन मांगा गया था। इसके बावजूद बिजली चालू कर दी गई, जिससे यह हादसा हुआ।
आक्रोशित ग्रामीणों ने शाम करीब 6 बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज के गेट के सामने गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन पर जाम लगा दिया। इससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आसपास की करीब 50 दुकानें भी बंद हो गईं।
घटना की सूचना पर जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज में स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मिलकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जेई सस्पेंड और दो पुलिसकर्मी स्पस्पेंड, लाइन मैन टर्मिनेट
डीएम दीपक मीणा ने बताया कि 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर है। परिजनों और ग्रामीणों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई, मृतकों के परिवारों को मुआवजा और घायलों के समुचित इलाज की मांग की थी।
उनकी मांगों पर जेई और दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। वहीं, लाइन मैन टर्मिनेट किया गया है। परिजनों को मुआवजा दिलाने और आर्थिक सहायता के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी की गई हैं। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल घायलों के इलाज की निगरानी कर रहे हैं।