सपा नेता आजम खान जेल में ही रहेंगे। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रविवार सुबह 10.30 बजे आजम को विशेष PMLA कोर्ट में पेश किया। जहां ले उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इसके बाद आजम को कोर्ट से सीधे डासना जेल ले जाया गया। इस दौरान ED टीम के साथ CRPF और पुलिस के 100 जवान भी थे।
जब आजम कोर्ट परिसर पहुंचे तो काफी शांत दिखे। सिर्फ लोगों की तरफ देखते रहे। कार की खिड़की का शीशा खोला तो मीडिया ने पूछा- कुछ बोलेंगे नहीं? इस पर जवाब दिया- क्या रह गया है बोलने को।
मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने आजम खान को शनिवार शाम को रामपुर जेल से बाहर आते ही गिरफ्तार कर लिया था। वहां से ED उन्हें कार से सीधे दिल्ली हेड ऑफिस ले गई थी। रातभर वहीं रखा। जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी पैसे के इस्तेमाल को लेकर 50 से ज्यादा सवाल किए।
29 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने 2 पैन कार्ड मामले में आजम खान और बेटे अब्दुल्ला की 10 साल की सजा सस्पेंड कर दी थी। दोनों को जमानत दे दी थी। इसके बाद दोनों को रामपुर जेल से रिहा कर दिया गया था। दोनों 11 महीने से जेल में बंद थे। रिहा होने के बाद आजम के बेटे अब्दुल्ला घर चले गए थे।
पढ़िए, किसने क्या कहा?
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- आजम को मुसलमान होने की सजा नहीं मिल रही है। उन्हें यूनिवर्सिटी बनाने की सजा नहीं मिल रही। जो अपराध और भ्रष्टाचार किए हैं, उसकी सजा मिल रही है। मैं मांग करता हूं कि जांच के दायरे में अखिलेश यादव को भी शामिल करना चाहिए।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा- ऐसे हालात में वो भावनात्मक बयान और भावनात्मक बकवास बहादुरी नहीं करेंगे, तो क्या करेंगे? उन्होंने जो कहा और जो किया, उस पर कोर्ट फैसला करेगा।
यूपी के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा- कानून के हाथ लंबे होते हैं। जब व्यक्ति सत्ता के अहंकार में होता है, तो कई बार उसको कानून के इस शिकंजे की परवाह नहीं होती। जो देश का कानून है, वो हर व्यक्ति पर लागू होता है, चाहे वो आजम हों या कोई और।
सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने कहा- आजम जैसे ही जेल से बाहर आए, सरकार के इशारे पर ईडी के लोग उन्हें गिरफ्तार करने पहुंच गए। ऐसी जुल्मी सरकारों के खिलाफ बोलना पड़ेगा और उन्हें हटाना होगा।
आजम के वकील दानिश अली ने बताया कि 14 दिन के लिए रिमांड पर भेजा गया है। वो अभी कस्टडी में रहेंगे। दो-ढाई घंटे तक इसमें बहस चली। ईडी ने बताया कि हम मोबाइल और ईमेल पर आजम के परिजनों को सारी जानकारी दे रहे थे। बताइए जरा कौन सी मेल, कौन सा नंबर। ईडी कुछ सही से एक्सप्लेन नहीं कर पाई।
आजम खान गाजियाबाद की कोर्ट से निकल गए हैं। ईडी और पुलिस आजम को लेकर डासना जेल के लिए रवाना हो गए हैं।
भाजपा नेता बोले- आजम बकवास बहादुरी नहीं करेंगे, तो क्या करेंगे
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने सपा नेता आजम खान पर कहा- ऐसे हालात में वो भावनात्मक बयान और भावनात्मक बकवास बहादुरी नहीं करेंगे, तो क्या करेंगे? उन्होंने जो कहा, जो किया उस पर कोर्ट फैसला करेगा।
सपा नेता आजम खान को सुबह 10:45 बजे स्पेशल PMLA कोर्ट पर पेश किया गया। 2 घंटे तक कोर्ट में जिरह चली। ED की स्पेशल PMLA कोर्ट के न्यायाधीश अविनाश कुमार पांडे ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, जेल जाएंगे
सपा नेता आजम खान को गाजियाबाद की कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन्होंने डासना जेल में रखा जाएगा।
आजम खान के समर्थन में कोर्ट के बाहर सिर्फ 7 व्यक्ति पहुंचे हैं। इनमें पांच रामपुर के हैं। 2 गाजियाबाद के डासना से आए हैं।
गाजियाबाद कोर्ट में पेशी पर पहुंचे आजम खान से जब मीडिया ने पूछा- कुछ बोलना चाहेंगे? तो आजम खान ने गाड़ी के अंदर से ही कहा- अब क्या है बोलने को।
यूपी के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा- कानून के हाथ लंबे होते हैं। जब व्यक्ति सत्ता के अहंकार में होता है, तो कई बार उसको कानून के इस शिकंजे की, इस हाथ की परवाह नहीं होती। मैं उन्हें शुभकामना देता हूं, लेकिन जो देश का कानून है, वो हर व्यक्ति पर लागू होता है, चाहे वो आजम हों या कोई और।
बिहार भाजपा के अध्यक्ष बोले- देश में कानून सबके लिए एक समान
भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने आजम की गिरफ्तारी पर कहा- कानून सबके लिए समान है। इसे किसी एक विशेष संप्रदाय से जोड़ना या यह कहना कि 'मैं मुसलमान हूं, इसलिए मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है', बिल्कुल गलत है। गरीबों, अनाथों और मजलूम किसानों की जमीनों को रौंदकर 1,170 करोड़ रुपए का निजी साम्राज्य खड़ा करने वाले अब विक्टिम कार्ड खेलना चाहते हैं।
सपा नेता आजम खान को लेकर गाजियाबाद की विशेष PMLA कोर्ट पहुंच गई है। ईडी की 5 गाड़ियों के साथ CRPF और पुलिस के 100 जवान भी कोर्ट पहुंचे।
इटावा में सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि आजम जैसे ही वह जेल से बाहर आए, सरकार के इशारे पर ईडी के लोग उन्हें गिरफ्तार करने पहुंच गए। ऐसी जुल्मी सरकारों के खिलाफ बोलना पड़ेगा और उन्हें हटाना होगा।
सपा के पूर्व मंत्री आजम खान को आज गाजियाबाद की PMLA कोर्ट में पेश किया जाएगा। आज रविवार की छुट्टी है। इसलिए स्पेशल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेशी होगी।
संजय सिंह बोले- गजब की गुंडागर्दी है
आप सांसद संजय सिंह ने कहा- गजब की गुंडागर्दी है। हाईकोर्ट से मिली जमानत की कोई अहमियत नहीं। तुरंत ED ने गिरफ्तार कर लिया। आजम के मामले में BJP सरकार की तानाशाही चरम पर है। अत्याचार की सारी सीमा पार हो चुकी है।
आजम के वकील बोले- सरकार का एक तानाशाही पूर्ण रवैया
आजम खान के वकील नासिर सुल्तान ने कहा, "जिस तरह से मोहम्मद आजम खान को जेल से निकलते ही उठाया गया, उठाने का कोई आधार नहीं बताया गया, कहां लेकर जा रहे हैं और कौन उठा रहा है; कुछ नहीं बताया गया। इस तरह किसी को जेल से निकलते हुए उठाना या हिरासत में लेना हमने आज तक नहीं देखा। मैं यही कहूंगा कि यह सरकार का एक तानाशाही पूर्ण रवैया है।
बेटा अब्दुल्ला आजम रिहा होने के बाद सफेद रंग की कार से घर चला गया था। उसने कहा- आजम थे, आजम हैं और आजम ही रहेंगे। हमारे पास कोई राइट नहीं है। हम इंसान नहीं, जानवर हैं।
अब आजम खान को एक बार फिर जेल जाना पड़ेगा। लेकिन, सबसे बड़ा सवाल है कि क्या आजम खान 2027 के विधानसभा चुनाव तक जेल में रहेंगे?
क्या हाईकोर्ट उन्हें राहत दे सकता है? कानूनी प्रक्रिया और मौजूदा हालात को देखें तो उनके सामने कई रास्ते हैं, लेकिन फिलहाल जल्द रिहाई आसान नजर नहीं आती।
आजम को कोर्ट में पेश करेगी ईडी, रिमांड मांग सकती है
आजम खान को हिरासत में लेने के बाद ईडी की अगली कोशिश आजम की कोर्ट से रिमांड हासिल करने की होगी। इसके बाद 2 स्थितियां बन सकती हैं-
पहली- कोर्ट ED की मांग स्वीकार कर आजम को पूछताछ के लिए एजेंसी की हिरासत में दे सकती है। इस दौरान उनसे जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण, जमीन की खरीद, सरकारी धन के इस्तेमाल और ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेन-देन पर सवाल किए जा सकते हैं।
दूसरी- कोर्ट रिमांड अर्जी खारिज कर सकती है। ऐसी स्थिति में भी उनकी तत्काल रिहाई नहीं होगी। कोर्ट अन्य कानूनी आधारों और उनकी हिरासत की वैधता पर फैसला करेगी।
426.46 करोड़ को ED ने अपराध की कमाई माना
ED के मुताबिक, इस मामले की जांच रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज 26 एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। एजेंसी ने अपनी जांच में आरोप लगाया कि सरकारी ठेकों से जुड़े धन और निर्माण सामग्री का इस्तेमाल विश्वविद्यालय परिसर के निर्माण में किया गया।
59 इमारतों के निर्माण और 114 बैनामों से हासिल जमीन की कुल कीमत करीब 499.09 करोड़ रुपए आंकी गई, जबकि वैध स्रोतों से 72.63 करोड़ रुपए का हिसाब मिला। बाकी 426.46 करोड़ रुपए को एजेंसी ने कथित अपराध की कमाई माना है।
इसी आधार पर 28 अक्टूबर को ED ने यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों की करीब 426.46 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच की थी।
ED ने किस मामले में आजम को पकड़ा है? जान लीजिए
ED की कार्रवाई का संबंध मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े जौहर ट्रस्ट से है। एजेंसी सरकारी निर्माण कार्यों के धन और सामग्री के कथित दुरुपयोग, जमीन की खरीद और विश्वविद्यालय के निर्माण में इस्तेमाल हुए धन के स्रोत की जांच कर रही है।
जमानत के लिए शुरू से अपनानी होगी प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील शारिक अब्बासी कहते हैं- आजम को जमानत के लिए एक बार फिर से शुरुआत से प्रक्रिया अपनानी पड़ेगी। पहले ट्रायल कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन करेंगे। ईडी के मामलों में निचली अदालतें आमतौर पर राहत नहीं देतीं। यहां से जमानत याचिका रिजेक्ट होने के बाद सेशन कोर्ट जाएंगे। फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
हां, विशेष पीएमएलए कोर्ट से राहत नहीं मिलने पर आजम के पास हाईकोर्ट जाने का रास्ता खुला रहेगा। वे गिरफ्तारी की वैधता, रिमांड आदेश और जमानत से जुड़े सवालों को उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत हाईकोर्ट में उठा सकते हैं।
हाईकोर्ट के सामने उनके वकीलों की ओर से यह दलील दी जा सकती है कि जांच में सहयोग के लिए वे तैयार हैं। साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका नहीं है। उन्हें लंबे समय तक हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है।
आजम के खिलाफ 2 मामले पेंडिंग, समझ लीजिए
पहला मामला- ईडी ने 14 अक्टूबर को जौहर ट्रस्ट और मो. अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर FIR दर्ज कराई थी। यह एफआईआर रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज हुई थी। ईडी को शक है कि ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी को मिले पैसों के सोर्स और उनके इस्तेमाल में गड़बड़ी हुई है।
दूसरा मामला- यूपी राज्य हज समिति की जमीन की बिक्री में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है। विजिलेंस की जांच में जमीन की बिक्री से समिति को 2.08 करोड़ के राजस्व का नुकसान की पुष्टि हुई थी। मामले में आजम समेत 5 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें तत्कालीन सचिव एखलाक अहमद, डॉ. एमएए खान, आमिश डेवलपर्स के प्रोपराइटर मोहम्मद अय्यूब और मुस्तकीम अहमद शामिल हैं।
अब चौथी बार जेल जा सकते हैं आजम
पहली बार आजम खान 26 फरवरी, 2020 को जेल भेजे गए थे। सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत के बाद 20 मई 2022 को उनकी रिहाई हुई थी।
दूसरी बार 18 अक्टूबर, 2023 को जेल भेजे गए। फिर 23 सितंबर, 2025 को रिहाई हुई थी।
तीसरी बार 17 नवंबर 2025 को जेल भेजे गए और 31 अक्टूबर को छूट सकते थे। लेकिन, जेल के गेट से ही आजम को गिरफ्तार कर लिया। अगर गाजियाबाद की पीएमएलए कोर्ट ने जमानत नहीं दी, तो चौथी बार जेल जा सकते हैं।
क्या ED की गिरफ्तारी के बाद जमानत मिलना आसान होगा?
इसका जवाब है- नहीं। मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में जमानत की प्रक्रिया सामान्य आपराधिक मामलों से ज्यादा कठिन होती है। पीएमएलए की धारा- 45 के तहत जमानत के लिए 2 शर्तें लागू होती है।
पहली- कोर्ट को यह मानने का आधार हो कि आरोपी प्रथमदृष्टया दोषी नहीं है। दूसरी- कोर्ट को यह संतुष्टि हो कि जमानत मिलने के बाद आरोपी दोबारा अपराध नहीं करेगा।
वकील बोले- आजम की तबीयत ठीक नहीं थी, फिर भी ले गए
आजम खान के वकील जुबेर खान ने कहा कि कुछ लोग बिना आईडी कार्ड दिखाए जेल में दाखिल हुए। यह भी नहीं बताया कि वे कौन हैं और किस विभाग से आए हैं? मैंने ईडी के अफसरों को बताया कि आजम की तबीयत ठीक नहीं है। वह बीमार हैं, लेकिन उनकी बात सुने बिना ही उन्हें अपने साथ ले गए।
अब पढ़िए आजम के जेल से बाहर आने पर क्या-क्या हुआ?
रामपुर जिला जेल से करीब 11 महीने बाद बाहर निकले मोहम्मद आजम खान को ईडी के अफसर साथ ले गए। जेल के मेन गेट पर सफेद रंग की कार से पहुंचे अफसरों और आजम के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई। इस दौरान आजम खान ने भी अफसरों के सवालों के जवाब दिए, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद अधिकारी उन्हें अपनी कार में बैठाकर ले गए।