IAS सुधांश पंत और सीएम भजनलाल के बीच तनाव बढ़ गया था, इसलिए सेंटर ने वापस बुलाया
Updated on
20-11-2025 12:38 PM
जयपुर: राजस्थान की सियासी हलकों और सोशल मीडिया पर IAS सुधांश पंत के ट्रांसफर की चर्चा लगातार बनी हुई है। 10 नवंबर को राजस्थान के चीफ सेक्रेटरी सुधांश पंत को केंद्र ने वापस बुला लिया। सुंधाश पंत ने राजस्थान में सेंट्रल डेपुटेशन के तहत 1 जनवरी, 2024 को बतौर चीफ सेक्रेटरी का पद संभाला था। लेकिन कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन्हें केंद्र ने वापस बुला लिया है। सुंधाश पंत के 10 नवंबर की देर रात को दिल्ली जाने का ऑर्डर आया था, जिसने ना सिर्फ सरकारी तंत्र में हलचल मचा दी। वहीं सियासत और सोशल मीडिया के बीच भी सुर्खियां बिखेर दी। सुंधाश पंत केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में सचिव पद संभालेंगे। उन्हें अमित यादव की जगह लगाया गया है, जिनका रिटायरमेंट इसी साल 30 नंवबर को होगा।
बीच कार्यकाल में जाना हैरान करने वाला
हालांकि, अधिकारियों के ट्रांसफर हालांकि प्रशासनिक और सरकार का फैसला है। लेकिन IAS सुंधाश पंत को केंद्र की ओर से दोबारा बुला लेने की घटना लोगों को इसलिए हैरान कर रही है, क्योंकि अभी उनका रिटायरमेंट फरवरी 2027 में को होना है। माना जा रहा था कि सुंधाश पंत को रिटायरमेंट तक राजस्थान में ही काम करेंगे, क्योंकि 2023 के विधानसभा चुनावों में BJP की जीत और उसके बाद पहली बार MLA बने भजन लाल शर्मा के मुख्यमंत्री बनने के बाद केंद्र ने ही पंत को खासतौर पर राज्य की ब्यूरोक्रेसी को लीड करने के लिए भेजा था। साल 2027 तक प्रदेश में भजनलाल सरकार का कार्यकाल शेष रहेगा। इन्हीं कारणों से मुख्य सचिव का अचानक राजस्थान से दिल्ली चले जाना हर किसी को हैरान करने वाला है।
दो सेंटर पावर की थ्योरी ने बिगाड़ा खेल ?
राजनीतिक पंडितों का कहना है कि 'शर्मा सरकार यह सोच बदलना चाहती थी कि CMO (चीफ मिनिस्टर ऑफिस) ही फैसले ले रहा है, चीफ सेक्रेटरी नहीं'। विपक्ष बार बार आरोप लगा रहा था कि प्रदेश के फैसले सीएम से ज्यादा चीफ सेक्रेटरी की ओर से लिए जा रहे हैं। बीजेपी संगठन में ब्यूरोक्रेसी के हावी होने की चर्चा खूब चल रही थी। लिहाजा इसी के चलते पंत को कथित तौर पर राज्य के ज़रूरी मामलों में तेज़ी से साइडलाइन किया जाने लगा, कुछ फाइलें कथित तौर पर प्रोटोकॉल के खिलाफ उन्हें बाइपास करते हुए CMO के ज़रिए भेजी गईं। कई ट्रांसफर भी उनकी मंज़ूरी के बिना मंजूरी किए गए थे, जिससे बताया जा रहा है कि पंत नाराज थे और वो दोबारा दिल्ली लौट गए।
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