आज के समय में स्मार्टफोन और टैबलेट लोगों की जिंदगी का जरूरी हिस्सा बन चुके हैं। चाहे ऑफिस का काम हो या अपनों से जुड़े रहना, हर छोटे-बड़े काम के लिए लोग अपने फोन पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में डिवाइस को सही और सुरक्षित तरीके से चलाने के लिए समय-समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट करना बेहद जरूरी होता है। आमतौर पर जब भी कोई नया सिस्टम अपडेट आता है, तो फोन उसे डाउनलोड करके इंस्टॉल कर लेता है। कई बार यह काम बैकग्राउंड में अपने आप हो जाता है और अपडेट पूरा होने के बाद डिवाइस खुद रीस्टार्ट भी हो जाता है।
लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर अपडेट के बाद आपका फोन अपने आप रीस्टार्ट न हो, तो क्या आपको खुद इसे रीस्टार्ट करना चाहिए। बता दें कि फोन की रीस्टार्ट करने से ना सिर्फ फोन की स्पीड बेहतर होती है, बल्कि कई छोटी-मोटी दिक्कतें और हैंग होने की समस्या भी दूर हो जाती है। आइये, इसके बारे में डिटेल में जानते हैं।
रीस्टार्ट करने का फायदा
दरअसल, फोन को रीबूट करने से उसकी टेम्पररी फाइलें हट जाती हैं, रैम यानी मेमोरी पूरी तरह साफ हो जाती है और फोन का प्रोसेसर नए सिरे से काम करना शुरू कर देता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े अपडेट के अलावा भी आपको हफ्ते में कम से कम एक बार अपना फोन जरूर रीस्टार्ट करना चाहिए।
इसके अलावा, एक सफल अपडेट के बाद कैश मेमोरी क्लियर करना और नेटवर्क सेटिंग्स जैसी कुछ जरूरी चीजों को चेक करना भी फायदेमंद होता है।
अपने डिवाइस को रीस्टार्ट करने से आपके एक्सपीरियंस में सुधार हो सकता है और सिस्टम के परफॉर्मेंस बढ़ सकता है। यह एंड्रॉइड और आईफोन दोनों के लिए है। साथ ही, यह हैंडहेल्ड गेम कंसोल, लैपटॉप, डेस्कटॉप पीसी, स्मार्ट टीवी के लिए भी है।
अपने फोन को बंद करके चालू करने के फायदे सिर्फ उसकी स्पीड बढ़ाने या बैटरी ठीक रखने तक ही सीमित नहीं हैं। ऐसा करने से आपके फोन की सिक्योरिटी भी बहुत मजबूत होती है।
हफ्ते में कम से कम एक बार करें रीस्टार्ट
यह इतना फायदेमंद है कि BGR की रिपोर्ट के अनुसार, अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NSA) भी सलाह देती है कि आपको अपना पर्सनल या ऑफिस का फोन हफ्ते में कम से कम एक बार रीस्टार्ट जरूर करना चाहिए। फोन बंद करके चालू करने से बैकग्राउंड में छिपकर चल रहे खतरनाक ऐप्स और जासूसी सॉफ्टवेयर तुरंत बंद हो जाते हैं।