मुंबई। देश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, प्रिसिजन एग्रीकल्चर और ड्रोन आधारित सेवाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ड्रोन-एज़-ए-सर्विस (DaaS) एवं प्रिसिजन एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म 'सलाम किसान' और AMRUT ड्रोन मिशन ने एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है।इस साझेदारी का उद्देश्य किसानों तक उन्नत, वैज्ञानिक और किफायती कृषि सेवाएं पहुंचाने के साथ-साथ DGCA-प्रमाणित ड्रोन पायलटों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करना है। पहले चरण में महाराष्ट्र में 1,000 कृषि ड्रोन उद्यमी तैयार किए जाएंगे, जो 1 लाख से अधिक किसानोंतक ड्रोन आधारित प्रिसिजन एग्रीकल्चर सेवाएं पहुंचाएंगे। यह मॉडल देश में तकनीक आधारित कृषि सेवाओं और ग्रामीण ड्रोन उद्यमिता को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।
किसानों को मिलेगी किफायती, सुरक्षित और वैज्ञानिक कृषि सेवाएं
भारत में उर्वरकों और कीटनाशकों के असंतुलित उपयोग के कारण मिट्टी की उर्वरता, फसल उत्पादकता और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही, पारंपरिक छिड़काव के दौरान किसान एवं खेतिहर श्रमिक सीधे रसायनों के संपर्क में आते हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ जाते हैं।ड्रोन आधारित प्रिसिजन एग्रीकल्चर इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है। यह तकनीक किसानों को सही समय पर, सही मात्रा में और वैज्ञानिक तरीके से कृषि इनपुट के उपयोग में सहायता करती है, जिससे लागत कम होती है, संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी कम होते हैं।
सलाम किसान प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे प्रशिक्षित ड्रोन पायलट
AMRUT ड्रोन मिशन देशभर में DGCA-प्रमाणित ड्रोन पायलट तैयार करने की दिशा में कार्य कर रहा है। मिशन के तहत युवाओं को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ 'AMRUT ब्याज परवथा योजना' के माध्यम से ड्रोन खरीदने पर दो वर्षों तक ब्याज में राहत भी प्रदान की जाती है।इस साझेदारी के अंतर्गत AMRUT से प्रशिक्षित और स्वयं के प्रमाणित ड्रोन रखने वाले पायलटों को सलाम किसान के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।इसके बाद किसान व्हाट्सएप, मोबाइल ऐप अथवा फोन कॉल के माध्यम से आसानी से ड्रोन स्प्रे सेवाएं बुक कर सकेंगे। वहीं ड्रोन ऑपरेटरों को फसल आधारित मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOPs), मौसम एवं सैटेलाइट आधारित सलाह तथा डिजिटल सर्विस मैनेजमेंट जैसी तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
साझेदारी के प्रमुख उद्देश्य
• प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों के लिए नियमित एवं स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करना।
• किसानों तक समयबद्ध, सुरक्षित और किफायती ड्रोन सेवाएं पहुंचाना।
• उर्वरकों एवं कीटनाशकों के वैज्ञानिक उपयोग को बढ़ावा देकर कृषि लागत एवं पानी की खपत कम करना।
• देश में कृषि ड्रोन एवं प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों की उपलब्धता बढ़ाना।
• ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करना।
महाराष्ट्र में विकसित होगा एक मजबूत ड्रोन उद्यमिता मॉडल
AMRUT ड्रोन मिशन के माध्यम से अगले एक वर्ष में महाराष्ट्र में 1,000 कृषि ड्रोन उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। ये उद्यमी राज्य के 1 लाख से अधिक किसानों तक प्रिसिजन एग्रीकल्चर सेवाएं पहुंचाएंगे।
इस पहल का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक के व्यापक उपयोग को बढ़ावा देकर किसानों की उत्पादकता, आय और खेती की गुणवत्ता में सुधार लाना भी है।
'प्रिसिजन एग्रीकल्चर का भविष्य केवल ड्रोन स्प्रे तक सीमित नहीं'सलाम किसान की संस्थापक एवं सीईओ धनश्री मंधानी ने कहा,"प्रिसिजन एग्रीकल्चर का भविष्य केवल ड्रोन स्प्रे सेवाओं तक सीमित नहीं है। इसका वास्तविक लाभ फसलों में शुरुआती स्तर पर समस्याओं की पहचान, कृषि इनपुट के वैज्ञानिक एवं संतुलित उपयोग और किसानों को डेटा-आधारित सलाह उपलब्ध कराने में है। इस तकनीक से किसानों की लागत घटेगी, उत्पादकता बढ़ेगी और उनकी आय में भी सकारात्मक वृद्धि होगी।"
उन्होंने आगे कहा,"यह साझेदारी केवल ड्रोन सेवाओं का विस्तार नहीं है, बल्कि एक ऐसा एकीकृत मॉडल विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें प्रशिक्षित ड्रोन उद्यमी, डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रिसिजन एग्रीकल्चर मिलकर किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाते हैं। हमें विश्वास है कि यह मॉडल भारत में कृषि के डिजिटलीकरण और तकनीक आधारित ग्रामीण उद्यमिता को नई गति देगा।"सलाम किसान और AMRUT ड्रोन मिशन के बारे मेंAMRUT ड्रोन मिशन एक कौशल विकास एवं आजीविका पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं को DGCA-प्रमाणित ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षित कर कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। मिशन के अंतर्गत 'AMRUT ब्याज परवथा योजना' के माध्यम से ड्रोन खरीद के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है।
सलाम किसान एक ड्रोन-एज़-ए-सर्विस (DaaS) एवं प्रिसिजन एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म है, जो किसानों को ड्रोन आधारित कृषि सेवाओं से जोड़ता है। महाराष्ट्र में यह प्लेटफॉर्म 5.5 लाख से अधिक किसानों तक अपनी सेवाएं पहुंचा चुका है तथा 31 से अधिक फसलों के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं विकसित करते हुए 2.5 लाख से अधिक ड्रोन स्प्रे ऑपरेशन सफलतापूर्वक संचालित कर चुका है।