न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सीट के लिए भारत की दावेदारी को एक अहम यूरोपीय देश का साथ मिला है। पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो ने सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया है। गुरुवार को महासभा को संबोधित करते हुए मोंटेनेग्रो ने अफ्रीका, भारत और ब्राजील के लिए स्थायी सीटों की मांग की। पुर्तगाली प्रधानमंत्री ने यह मांग ऐसे समय में की है, जब 12 देशों वाले यूनाइटिंग फॉर कंसेंसस ग्रुप ने सुरक्षा परिषद में स्थायी सीटें बढ़ाए जाने का विरोध किया है। पाकिस्तान की मौजूदगी वाला यह समूह कॉफी क्लब के नाम से जाना जाता है।पुर्तगाली पीएम की भारत के लिए बड़ी मांग
संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए पुर्तगाल के प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र को और ज्यादा असरदार बनाने की मांग की। उन्होंने कहा, हमें सुरक्षा परिषद को और ज्यादा प्रतिनिधित्व वाला बनाने की कोशिश करनी चाहिए, जिसके लिए अफ्रीका, ब्राजील और भारत को स्थायी सीटें मिलनी चाहिए, ताकि बदलती दुनिया की झलक मिल सके।मोंटेनेग्रो का बयान इसलिए भी बहुत अहम है, क्योंकि पुर्तगाल जनवरी 2025 में गैर-अस्थायी सदस्य के रूप में सुरक्षा परिषद में शामिल होगा। पुर्तगाली प्रधानमंत्री ने कहा कि गैर-स्थायी सदस्य के रूप में उनका देश संकट को रोकने, साझेदारी को मजबूत करने और मानवीय गरिमा की रक्षा करने को प्राथमिकता देगा।
पाकिस्तान वाले समूह ने किया विरोध
इस बीच पाकिस्तान की मौजूदगी वाले यूनाइटिंग फॉर कंसेंसस समूह ने UNSC में स्थायी सीटें बढ़ाने को लेकर अपना विरोध दोहराया। स्थायी सीट की जगह इस समूह ने चुनी हुए सदस्यों की संख्या बढ़ाने की मांग की, जिसमें लंबे समय के लिए बारी-बारी से मिलने वाली सीटें शामिल हों।कॉफी क्लब समूह ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान गुरुवार को एक संयुक्त बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि हमारा लक्ष्य एक ऐसी परिषद के लिए काम करना है, जो ज्यादा प्रतिनिधित्व वाली, लोकतांत्रिक, पारदर्शी, जवाबदेह और असरदार हो और आज की वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो। इसने कहा कि चुनी हुई सदस्यता बढ़ाने से अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने में मदद मिलेगी और साथ ही संप्रभु समानता का सिद्धांत भी बना रहेगा।
वीटो खत्म करना चाहता है कॉफी क्लब
यूनाइटिंग फॉर कंसेंसस में पाकिस्तान, इटली, तुर्की, मेक्सिको, कनाडा, अर्जेंटीना, कोलंबिया, स्पेन, कोस्टा रिका, माल्टा, दक्षिण कोरिया और सैन मैरिनो जैसे देश शामिल हैं। यह ग्रुप संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीटों की संख्या बढ़ाए जाने का विरोध करता है। समूह ने अपने बयान में स्थायी सदस्यों की वीटो पावर का भी जिक्र किया। इसने कहा कि वह वीटो पावर को खत्म करने का समर्थन करता है, लेकिन साथ ही खास हालात में इसके इस्तेमाल को सीमित करने के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की।