भारत में सैटेलाइट इंटरनेट की रेस मुख्य रूप से दो कंपनियों के बीच दिखाई देती है। पहली- स्टारलिंक और दूसरी जियो, लेकिन एक तीसरी कंपनी यूटेलसैट वनवेब भी रेस में है। एयरटेल के समर्थन वाली इस कंपनी ने भारत में सैटेलाइट इंटरनेट की कमर्शियल सेवाओं के लिए आवेदन किया है और वह भारतीय सेना को सैटेलाइट इंटरनेट कनेक्टिविटी भी दे रही है। क्या वनवेब, स्टारलिंक और जियो से पहले अपनी सेवाएं शुरू कर देगी। आइए जानते हैं तीनों कंपनियों की मौजूदा स्थिति।
स्टारलिंक, जियो और वनवेब में कौन आगे?
देश में आम लोगों के लिए सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं अभी शुरू नहीं हुई हैं। ऐसे में जियो, स्टारलिंक और वनवेब तीनों की स्थिति एक जैसी है।
स्टारलिंक दुनिया की सबसे बड़ी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी है जिसके पास 11 हजार से अधिक सैटेलाइट्स और दुनिया के सैकड़ों देशों में उपलब्धता है।
वनवेब भी कई अफ्रीकी देशों में अपनी सेवाएं पहुंचा रही है, लेकिन भारत में उसे मंजूरी नहीं मिल पाई है।
हालांकि कंपनी देश में भारतीय सेना को सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं का सपोर्ट दे रही है जो इस वजह से वह जियो और स्टारलिंक से अभी आगे है।
वनवेब का भारत में स्टेटस क्या है?
हाल ही में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने कहा कि देश में सैटेलाइट इंटरनेट की लाइन में भारती, स्टारलिंक से आगे है।
हमारा ग्रुप सैटेलाइट कनेक्टिविटी के लिए तैयार है, लेकिन अभी सिक्योरिटी क्लीयरेंस का इंतजार है- सुनील भारती मित्तल
भारती और वनवेब ने 5 साल पहले ही सरकार के सामने जरूरी मंजूरियों के लिए अपनी ऐप्लिकेशन दे दी थी।
कंपनी का कहना है कि उसका ग्राउंड नेटवर्क पिछले 3 साल से तैयार है।
बीते कुछ साल से इंडिया मोबाइल कांग्रेस में एयरटेल के पवेलियन में वनवेब की सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं को दिखाया जा रहा है।
NBT Tech ने साल 2025 के IMC इवेंट में वनवेब का लाइव डेमो देखा था।
कंपनी भारतीय सेना को देश के सुदूर इलाकों में सैटेलाइट इंटरनेट उपलब्ध करा रही है, लेकिन कमर्शियल रोलआउट अभी नहीं किया है।
स्टारलिंक का भारत में स्टेटस क्या है?
अपने लेटेस्ट X पोस्ट में स्टारलिंक ने दावा किया है कि उसने भारत में रेगुलेटर्स, इंडस्ट्री और ऑपरेटर्स के साथ 5 साल से अधिक समय तक मिलकर काम किया है। कंपनी ने देश के अंदर ही डेडिकेटेड सिस्टम, गेटवे और इंफ्रास्ट्रक्चर का एक नेटवर्क तैयार किया है। स्टारलिंक दावा करती है कि भारतीय ग्राहकों का डेटा देश में सुरक्षित रहेगा। यह सब सरकार से अप्रूवल मिलने के बाद किया गया है।
Jio के सैटेलाइट इंटरनेट का भारत में स्टेटस क्या है?
बीते कुछ महीनों में रिलायंस जियो ने सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। कंपनी यह बता चुकी है कि उसकी योजना 1600 सैटेलाइट्स का एक समूह लॉन्च करने की है जो पृथ्वी की निचली कक्षा में रहकर देश को सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं पहुंचाएगा। हालांकि जियो ने अभी तक कोई सैटेलाइट लॉन्च नहीं किया है और वह 2027 का लक्ष्य लेकर चल रही है।
IMC 2026 में जियो ने एक मॉडल के माध्यम से यह दर्शाया था कि उसका सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क किस तरह से काम करेगा। उसमें ग्राउंड स्टेशनों का निर्माण भी शामिल है।