केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार साइबर सुरक्षित भारत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि म्यूल खाते साइबर अपराधों को रोकने में बड़ी बाधा हैं और इन्हें खत्म करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ताकत का इस्तेमाल किया जा रहा है।केन्द्रीय गृह मंत्रालय के तहत कार्यरत Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) और Reserve Bank Innovation Hub (RBIH) ने साइबर-सक्षम वित्तीय धोखाधड़ियों और बैंकिंग एवं डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में म्यूल खातों पर लगाम लगाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य धोखाधड़ी-जोखिम खुफिया जानकारी साझा करने, विश्लेषणात्मक सहायता और परिचालन समन्वय को मजबूत करना है, ताकि साइबर धोखाधड़ी की पहचान पहले ही की जा सके और रोकथाम के तंत्र को मजबूत बनाया जा सके।
अमित शाह ने X पर दी जानकारी
गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट कर कहा, “मोदी सरकार साइबर सुरक्षित भारत बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। म्यूल खाते साइबर अपराधों को रोकने में बड़ी बाधा हैं। साइबर धोखाधड़ी से लड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ताकत को उजागर करते हुए आज MHA के अधीन I4C ने RBIH के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए हैं।”
उन्होंने कहा कि यह कदम I4C की Suspect Registry के डेटा को AI-संचालित धोखाधड़ी पहचान प्रणाली में फीड करके छिपे हुए म्यूल खातों का तेजी से पता लगाएगा और उन्हें समाप्त करेगा। इससे नागरिकों को साइबर अपराध के खिलाफ next gen shield मिलेगा।
AI आधारित सिस्टम से होगी म्यूल खातों की पहचान
इस MoU के तहत I4C और RBIH, म्यूल खातों से जुड़ी खुफिया जानकारी और संदिग्ध पहचानकर्ताओं को I4C की Suspect Registry से साझा करेंगे। इससे बैंकों में लागू AI-संचालित धोखाधड़ी पहचान प्रणालियों, जैसे MuleHunter.ai™, को और मजबूत किया जाएगा।
RBIH इन डेटासेट्स का उपयोग AI-संचालित धोखाधड़ी-जोखिम मूल्यांकन मॉडलों के प्रशिक्षण और सुधार के लिए करेगा। इसका उद्देश्य बैंकिंग और डिजिटल भुगतान प्रणाली को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाना है।
हस्ताक्षर समारोह में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस MoU पर I4C की IG (प्रशासन) रूपा एम और RBIH के CEO साहिल किन्नी ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर RBI के डिप्टी गवर्नर रोहित जैन, गृह मंत्रालय के विशेष सचिव आनंद स्वरूप, संयुक्त सचिव राकेश राठी, I4C के CEO राजेश कुमार तथा RBI, RBIH और I4C के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
साइबर सुरक्षा इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में कदम
I4C राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP), Suspect Registry और अन्य खुफिया सूचना साझा करने वाले तंत्रों के माध्यम से भारत के साइबर अपराध प्रतिक्रिया इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए काम कर रहा है।वहीं, RBI की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी RBIH वित्तीय क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के साथ AI-सक्षम धोखाधड़ी पहचान ढांचे विकसित कर रही है, ताकि डिजिटल बैंकिंग और भुगतान प्रणाली में नागरिकों का भरोसा और सुरक्षा दोनों बढ़ सके। (इनपुट: पीआईबी)