होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे कुवैत के झंडे वाले तेल टैंकर M/T अल दसमा पर बुधवार को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ।

जहाज पर 21 भारतीय नाविक समेत बाकी क्रू मेंबर भी सवार थे। हमले के बाद टैंकर में आग लग गई, जिसे बाद में बुझा दिया गया। सभी भारतीय नाविक और बाकी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं।

अक्टूबर में भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हमले की यह पांचवीं घटना है। इन हमलों में अब तक 11 भारतीय घायल हुए हैं और 2 भारतीय लापता हैं।


व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर भारत ने चिंता जताई

पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच भारत ने व्यापारिक जहाजों और उन पर काम करने वाले नाविकों पर हमलों को लेकर कई बार चिंता जताई है।

भारत ने व्यापारिक जहाजों पर हमलों को कानूनी और नैतिक, दोनों लिहाज से गलत बताया है। सरकार का कहना है कि समुद्र में काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा और समुद्री रास्तों से जहाजों की आवाजाही की आजादी बनाए रखना जरूरी है।

विदेश मंत्रालय ने जहाजों पर हमले तुरंत रोकने को कहा

विदेश मंत्रालय ने व्यापारिक जहाजों, नाविकों और आम लोगों के इस्तेमाल वाले बुनियादी ढांचे पर हमले तुरंत रोकने की अपील की है। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित और बिना रुकावट आवाजाही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है।

सरकार के मुताबिक, भारतीय नाविकों से जुड़ी घटनाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके लिए जहाजों का संचालन करने वाली कंपनियों के साथ संपर्क बनाए रखा जा रहा है ताकि नाविकों की सुरक्षा और उनकी भलाई सुनिश्चित की जा सके।

होर्मुज में बारूदी सुरंग से टकराकर जहाज डूबा

होर्मुज स्ट्रेट में एक जहाज समुद्री बारूदी सुरंग से टकराकर डूब गया। जहाज में 2500 कंटेनर थे। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने 14 अक्टूबर को यह जानकारी दी।

AP की रिपोर्ट के मुताबिक, टक्कर के बाद जहाज में आग लग गई थी। रॉयटर्स के मुताबिक डूबने वाले जहाज का नाम GFS प्राइड है। यह सिंगापुर के झंडे के तहत चल रहा था और इसमें एक बार में 2,824 कंटेनर ले जाने की क्षमता थी।

जहाज का कामकाज UAE की एक कंपनी के पास था। जंग शुरू होने के बाद यह पहली बार है, जब बारूदी सुरंग से टकराकर कोई जहाज डूबा है।


जंग के बाद होर्मुज से जहाजों की आवाजाही घटी

अमेरिका और इजराइल के 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हमले शुरू करने के बाद से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

ईरान ने इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर पाबंदियां लगाईं हैं और कई जहाजों पर हमले भी हुए। इसके चलते कई शिपिंग कंपनियां इस रास्ते से जहाज भेजने से बच रही हैं।

रॉयटर्स के मुताबिक, 7 अक्टूबर को होर्मुज से सिर्फ 7 मालवाहक जहाज गुजरे थे। हालांकि, इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बंद नहीं हुई है। कुछ जहाज अब भी गुजर रहे हैं, लेकिन युद्ध से पहले के मुकाबले इनकी संख्या काफी कम है।