जब हमारी आंख फड़कती है, तो सबसे पहले दिमाग में एक बात आती है वो है इसका शुभ या अशुभ होना. क्योंकि बचपन से ही हम यही सुनते आए हैं. भारतीय समाज में तो दाएं-बाएं आंख के फड़कने को लेकर तरह-तरह की बातें कही जाती हैं. लेकिन सच यह है कि मेडिकल साइंस में आंख फड़कने का शगुन या अपशगुन से कोई लेना-देना नहीं होता. जी हां आपने बिल्कुल सही पढ़ा.  ​यदि आपकी आंख की पलक बार-बार फड़क रही है, तो यह आपकी बॉडी का एक सिग्नल है. जब आंखों की मांसपेशियों को सही पोषण या आराम नहीं मिलता, तो वे खुद-ब-खुद सिकुड़ने और कांपने लगती हैं. चलिए बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि आंख फड़कने के पीछे कौन से विटामिन और मिनरल्स की कमी जिम्मेदार हो सकती है और इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए. 

किस चीज की कमी से फड़कती है आंख?

​हमारे शरीर में नसों और मांसपेशियों को ठीक से काम करने के लिए कुछ खास पोषक तत्वों की जरूरत होती है. जब इनकी कमी होने लगती है, तो मांसपेशियों में ऐंठन और खिंचाव आने लगता है.
  
​1.विटामिन B12- 

विटामिन B12 हमारी नसों (Nerves) को स्वस्थ रखने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है. अगर शरीर में B12 का स्तर कम होने लगे, तो नसों के सिग्नल भेजने की प्रक्रिया प्रभावित होती है. इससे आंख के आसपास की महीन मांसपेशियों में अनियंत्रित हलचल यानी फड़कन शुरू हो सकती है. वेजिटेरियन लोगों में अक्सर इस विटामिन की कमी देखी जाती है.


​2. मैग्नीशियम-

मैग्नीशियम एक ऐसा मिनरल है जो मांसपेशियों को रिलैक्स करने में मदद करता है. जब शरीर में मैग्नीशियम कम हो जाता है, तो मांसपेशियां खुद-ब-खुद सिकुड़ने लगती हैं. आंख की पलकें बहुत नाजुक होती हैं, इसलिए मैग्नीशियम की कमी का असर सबसे पहले वहीं दिखाई देता है.
  
​3. विटामिन D और कैल्शियम-


विटामिन D शरीर में कैल्शियम को सोखने में मदद करता है. अगर विटामिन D कम होगा, तो कैल्शियम का लेवल भी गड़बड़ाएगा. कैल्शियम की कमी से मांसपेशियों में खिंचाव और ऐंठन की समस्या बढ़ जाती है.

​विटामिन की कमी के अलावा ये वजहें भी हैं जिम्मेदार-

  • नींद की कमी- रात में देर तक जागना और नींद पूरी न होना आंख की मांसपेशियों को थका देता है.

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  • ​स्क्रीन टाइम- फोन, लैपटॉप या टीवी के सामने घंटों लगातार बैठे रहने से आंखों पर बहुत ज्यादा स्ट्रेन पड़ता है.

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  • ​चाय या कॉफी- कैफीन का ज्यादा सेवन नसों को उत्तेजित कर देता है, जिससे फड़कन बढ़ सकती है.

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  • ​तनाव और एंग्जायटी- मानसिक तनाव के समय शरीर में ऐसे हार्मोन्स बनते हैं जो नसों को बेचैन कर देते हैं.

आंख फड़कना रोकने के लिए क्या खाएं?

  1. ​B12 के लिए- दूध, दही, पनीर, अंडा और मछली.

  2. ​मैग्नीशियम के लिए- हरी पत्तेदार सब्जियां, बादाम, काजू, कद्दू के बीज और केला.

  3. ​विटामिन D के लिए- रोज सुबह 15-20 मिनट धूप में बैठें, मशरूम और फोर्टिफाइड दूध लें.

  4. ​पानी खूब पिएं- डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी से भी मांसपेशियां एंठने लगती हैं.

कब जाएं ​डॉक्टर के पास- 

​आमतौर पर आंख का फड़कना 1-2 दिनों में खुद ही बंद हो जाता है. अगर  
​आपकी आंख लगातार कई दिनों या हफ्तों से फड़क रही हो,  
​फड़कने की वजह से पूरी आंख बंद होने लगे,  
​या चेहरे के दूसरे हिस्सों में भी खिंचाव महसूस हो