
उज्जैन जिले की खाचरौद-नागदा, महिदपुर और तराना तहसीलों में बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल गिरने से दाने भराव पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष बहादुर सिंह आंजना ने बताया कि कई गांवों में फसलें पूरी तरह झुक गई हैं। कृषि विभाग के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों का अवलोकन किया जा रहा है। रतलाम जिले में मावठे की बारिश से गेहूं, अफीम और चना की फसल को आंशिक क्षति पहुंची है। वहीं कृषि विभाग का कहना है कि अधिकांश क्षेत्रों में बूंदाबांदी ही हुई, जिससे बड़े नुकसान की स्थिति नहीं है।
खंडवा जिले में स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। पुनासा ब्लॉक के आधा दर्जन गांवों में चना आकार के ओले गिरने से गेहूं और चना की फसल प्रभावित हुई है। संयुक्त कृषक संगठन के अनुसार, गेहूं में 20 से 25 प्रतिशत और चना में फूल झड़ने से 50 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने नुकसान का आकलन कर किसानों को राहत देने की मांग की है। खरगोन जिले के भीकनगांव, कसरावद, महेश्वर, बड़वाह और सनावद क्षेत्रों में तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। कई गांवों में गेहूं की फसल आड़ी हो गई है। किसानों का दावा है कि 40 प्रतिशत तक फसल खराब हुई है।
शाजापुर जिले में फूलखेड़ी, टुकराना, मोरटा और आसपास के गांवों में बेर और नींबू के आकार के ओले गिरने से गेहूं, प्याज और अन्य रबी फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों के अनुसार, कई जगह 40 से 50 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। देवास जिले के हाटपीपल्या, करनावद और बागली क्षेत्रों में भी सैकड़ों किसानों की फसलें खराब होने की सूचना है। कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से जनजीवन भी प्रभावित हुआ।