आईएसआई ने दी थी हक्कानी को पनाह
हक्कानी की धमकी को पाकिस्तान का शक्तिशाली सुरक्षा प्रतिष्ठान हल्के में लेने की गलती नहीं करेगा। हक्कानी नेटवर्क से कभी उसके बहुत गहरे रिश्ते रहे हैंय़ 2021 में तालिबान के काबुल में आने से पहले पाकिस्तान की आईएसआई ने हक्कानी नेटवर्क को सुरक्षित पनाहगाह दी थी। ISI को उम्मीद थी कि तालिबान अफगानिस्तान में उसके प्रतिनिधि के रूप में काम करेगा। काबुल में सत्ता बदलने के बाद यह उम्मीद न सिर्फ बेमानी साबित हुई, बल्कि तालिबान नेतृत्व ने खुले रूप से इसका मजाक उड़ाया।हक्कानी की टिप्पणी काबुल में तालिबान की वापसी के बाद समूह के वरिष्ठ नेता की पाकिस्तान की सबसे कड़ी सार्वजनिक आलोचना है। विश्लेषकों का कहना है कि हक्कानी का भाषण दोनों पड़ोसियों के बीच बढ़ते राजनयिक संकट को सामने लाता है, जो पहले से अस्थिर क्षेत्र में एक और संघर्ष को जन्म दे सकता है।
